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जम्मू, 11 अक्तूबर 2025: बहुजन समाज पार्टी (बसपा), जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश इकाई, हरियाणा के दलित आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या की घटना पर गहरा शोक, आक्रोश और तीव्र निंदा व्यक्त करती है। यह न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि हमारे प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त उस जहरीली जातिवादी मानसिकता का भयानक उदाहरण है, जो आज भी दलित और बहुजन अधिकारियों को अपमान, भेदभाव और उत्पीड़न की आग में झोंक रही है। मृत अधिकारी की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारणिया शामिल हैं, पर जातिगत भेदभाव, सार्वजनिक अपमान और मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। बसपा मांग करती है कि इस भीषण प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायिक जांच तत्काल की जाए और दोषियों पर अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एवं आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। यह मामला सरकारों और तंत्र के लिए एक चेतावनी है कि जातिवाद को संरक्षण देने वाले किसी भी अधिकारी या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। हरियाणा सरकार तथा केंद्र को चाहिए कि पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और गरिमा प्रदान की जाए तथा सर्वोच्च न्यायालय इस प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। बसपा यह भी स्पष्ट करती है कि दलितों, पिछड़ों और बहुजनों के आरक्षण को आर्थिक आधार या तथाकथित “क्रीमी लेयर” के नाम पर कमजोर करने के किसी भी प्रयास का डटकर विरोध किया जाएगा। यह घटना हमारे समाज और शासन दोनों के लिए एक कठोर सबक है — यदि अब भी जातिवाद के खिलाफ निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो यह लोकतंत्र के चेहरे पर सबसे बड़ा कलंक रहेगा। बसपा य. पूरन कुमार को न्याय दिलाने और देश के हर उत्पीड़ित वर्ग की आवाज़ बुलंद करने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।

