जम्मू, 13 अक्टूबर 2025 – बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश ने एस.सी. (अनुसूचित जाति), एस.टी. (अनुसूचित जनजाति) और ओ.बी.सी. (अन्य पिछड़ा वर्ग) कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण बहाल करने में हो रही लंबी देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने उपराज्यपाल प्रशासन और केंद्र सरकार से इस लंबे समय से चले आ रहे अन्याय को समाप्त करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
यह मामला वर्ष 2015 के उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद से लंबित है, जिसमें जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 और आरक्षण नियम 2005 के कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित किया गया था। इसके बावजूद, वर्ष 2025 में उच्च न्यायालय द्वारा सरकार को आवश्यक आंकड़े एकत्र कर पदोन्नति में आरक्षण लागू करने के निर्देश देने के बावजूद अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इस कारण हजारों योग्य कर्मचारियों को उनके उचित अधिकारों और पदोन्नतियों से वंचित रहना पड़ा है।
बी.एस.पी. जम्मू-कश्मीर यू.टी. अध्यक्ष दर्शन राणा ने कहा, “यह लगातार हो रही देरी आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों में अत्यधिक निराशा और हताशा पैदा कर रही है। हम जम्मू-कश्मीर यू.टी. सरकार और केंद्र सरकार दोनों से आग्रह करते हैं कि वे तुरंत और सकारात्मक पहल करें। पदोन्नति में आरक्षण बहाल करना केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता का प्रश्न है।”
बी.एस.पी. ने यह भी जोर देकर कहा कि एस.सी., एस.टी. और ओ.बी.सी. कर्मचारी वर्षों से अपने करियर में न्याय और सम्मान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पार्टी ने प्रशासन से अपील की कि वह उनकी भावनाओं और आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए बिना और देरी किए पदोन्नति में आरक्षण लागू करे।
दर्शन राणा ने आगे कहा, “बी.एस.पी. रचनात्मक संवाद और शांतिपूर्ण संघर्ष में विश्वास रखती है। लेकिन यदि सरकारें इसी तरह उदासीन बनी रहीं, तो आरक्षित वर्गों में अलगाव और असंतोष की भावना और गहरी होती जाएगी। जनता का प्रशासन पर भरोसा तभी बहाल हो सकता है जब समय पर और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाए।”
बी.एस.पी. ने कर्मचारी यूनियनों, नागरिक समाज और अन्य लोकतांत्रिक शक्तियों से भी आह्वान किया है कि वे मिलकर शांतिपूर्ण और संगठित आंदोलन के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के लिए न्याय और सम्मान सुनिश्चित करें।

